प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र किसानो के वैधानिक हक अधिकार का हनन एवं अन्नदाता पर दमनात्मक कार्यवाई मुख्य कारण है मतदान के बहिष्कार की – बिहारी पटेल
बैरवन के किसान जब तक भूमि अर्जन एवं पुनर्वास कानून के आधार पर मोहनसराय ट्रांसपोर्ट नगर से पीड़ित किसानो की समस्या का वैधानिक तरीके से निस्तारण नही हो जायेगा, तब तक चुनावो का होगा बहिष्कार।
चरणबद्ध तरीके से किसानो को लामबंद कर प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र मे चुनाव के बृहद बहिष्कार की बनेगी ठोस रणनीति

अनंत पत्र
वाराणसी। रविवार को सुबह सात बजे से मोहनसराय ट्रान्सपोर्ट नगर योजना से पीड़ित किसानो की आवश्यक बैठक बैरवन बगीचे मे हुई जिसमे सर्वसम्मत से निर्णय हुआ कि माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद मुकदमा संख्या 61219/2011 दिनांक 31/05/2023 के आदेश मे स्पष्ट आदेश है कि बिना मुआवजा लिये किसानो का मालिकाना हक बना रहेगा, इनकी जमीन नियमानुसार लेगी या छोड़ेगी सात सप्ताह के अंदर निर्णय ले , साथ ही मुख्यमंत्री का आदेश है कि किसानो को नये भूमि अर्जन एवं पुनर्वास कानून 2013 के आधार पर सर्किल दर का चार गुना मुआवजा दिया जाय सबकी अवहेलना कर लगातार किसानो के साथ वाराणसी विकास प्राधिकरण एवं प्रशासन के जबर्दस्ती अवैधानिक कृत्यो से आजिज आकर रविवार को बैरवन ग्राम सभा के किसान आगामी 2024 लोक सभा चुनाव का बहिष्कार कर अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करने का सर्वसम्मत से निर्णय लिये है , आगे उक्त योजना से प्रभावित करनाडाड़ी, मोहनसराय एवं मिल्कीचक मे सर्वसम्मत बनाकर बहिष्कार की योजना की रणनीति बनी , क्योकि अन्नदाता के वैधानिक हक अधिकार का लगातार हनन एवं माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेशो की अवहेलना प्रधानमंत्री जी के संसदीय क्षेत्र मे हो रहा है , किसानो पर दमनात्मक कार्यवाई की पराकाष्ठा लाघी जा रही है और वाराणसी के सांसद देश के प्रधानमंत्री मौन है ? जिससे किसान विचलित एवं कुण्ठित होकर उक्त निर्णय लिये है।
पूर्व प्रधान अमलेश पटेल एवं कृष्णा प्रसाद उर्फ छेदी बाबा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी अविलम्ब संज्ञान लेकर 1998 से लंबित उक्त किसान विरोधी योजना का वैधानिक तरीके से निस्तारण कराये और किसानो को वैधानिक अधिकार दिलवाने की पहल गंभीरता से करते हुये वाराणसी मे विकास के नाम पर स्पोर्ट्स सिटी के नाम पर 15 गोवो की जमीन, वर्ल्ड सिटी के नाम पर 7 गावो की जमीन, काशी द्वार एवं वैदिक सिटी के नाम पर सैकडो हेक्टेयर जमीन औने पौने दाम पर हड़पने की करतूत पर विराम लगाने हेतु ठोस पहल नही किये तो किसान संघर्ष समिति वाराणसी के किसानो को लामबंद कर व्यापक स्तर पर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की मजबूत रणनीति बनायेगी, क्योकि वाराणसी का किसान प्रधानमंत्री को अपने मत की ताकत से सांसद इस लिये बनाते है कि हमारा सांसद देश का प्रधानमंत्री बनकर काशी का सम्मान बढ़ा रहा है लेकिन उसके बदले अगर किसान के वैधानिक अधिकारो का लगातार हनन और किसानो पर दमनात्मक कार्यवाई होगी तो किसान चुनाव का बहिष्कार कर प्रधानमंत्री जी को दुनिया के सामने बेनकाब करने हेतु अनोखा विरोध प्रदर्शन करेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिलाप्रशासन वाराणसी और विकास प्राधिकरण वाराणसी की होगी।
बैठक की अध्यक्षता बैरवन प्रधान लाल बिहारी पटेल , संचालन पूर्व प्रधान अमलेश पटेल एवं धन्यवाद ज्ञापन पूर्व प्रधान कृष्णा प्रसाद उर्फ छेदी पटेल ने किया, बैठक मे प्रमुख रूप से मेवा पटेल, प्रेम साव, विजय नारायण वर्मा, उदय पटेल, जय प्रकाश, लाल बहादुर, बबलू पटेल, कल्लू पटेल, रामराज, संजय ,पांचू पटेल, सदानंद, उदयभान, बिटुना, कृष्णावती, ज्योति , बिरजू, राजकुमार, सुरेंद्र पटेल, रामराज प्रधान और सैकड़ों किसान मौजूद रहे हैं।