काशी विद्यापीठ। कलेक्टरीफार्म स्थित कृषि शोध में गुरूवार को राज्य योजना के तहत संचालित जैव उर्वरक के प्रयोग को प्रोत्साहित करने हेतु एक दिवसीय कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया था।

संगोष्ठी के मुख्यअतिथि रहे संयुक्त कृषि निदेशक (जेडीए) वाराणसी मंडल एसएन दूबे ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दिया।
इस दौरान कृषि विशेषज्ञों द्वारा जैव उर्वरक के महत्व पर चर्चा करते हुए बैंगन, मिर्च आदि की रोपाई पौधशोधन करके करने को कहा।धान, तिल, मूंग, अरहर आदि के बारे में किसानों का ज्ञानवर्धन किया।
मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए मृदा की जांच समय समय पर कराने रहने को कहा गया।
इस दौरान कृषि विशेषज्ञ कमलेश श्रीवास्तव, डा0 केके पांडेय, डा0 नरेन्द्र रघुवंशी आदि ने विचार व्यक्त किया।
गोष्ठी में उप कृषि निदेशक शोध अशोक उपाध्याय, जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह, उप कृषि निदेशक कृषि रक्षा भीमसेन, सहायक निदेशक मृदा परीक्षण राजेश राय, उर्वरक विश्लेषक अरूण कुमार आदि थे। कार्यक्रम का संचालन डा0 दुर्गेश सिंह ने किया।
ड्रोन से नैनो यूरिया का छिड़काव
शोध परिसर में लगे धान की फसल पर नैनो यूरिया का ड्रोन द्वारा छिड़काव किया जिसे किसानों ने उत्साहपूर्वक देखा।