
अनंत पत्र
वाराणसी। चिरईगांव राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पहड़िया गांव में गठित समूह की कुसुम ने लखपति बन कर एक मिशाल पेश की है।जिसके ऊपर 16-17 अक्टूबर को मिशन मुख्यालय लखनऊ से आयी पांच सदस्यीय टीम ने डाक्यूमेंट्री फिल्म बनायी।
ब्लाक मिशन प्रबंधक अरविन्द कुमार मौर्य ने बताया कि लखपति महिला कार्यक्रम व मिशन शक्ति फेज 4 के तहत ग्रामपंचायत पहड़िया में गठित मां दुर्गा स्वयं सहायता समूह की सदस्य कुसुम दीदी समूह से जुड़कर लखपति बनी हैं।जिसके सफलता की कहानी चयनित हुयी थी।उन्हीं के ऊपर प्रेरणास्रोत डाक्यूमेंट्री फिल्म मिशन मुख्यालय से आयी टीम ने बनायी है।
ब्लाक मिशन प्रबंधक ने यह भी बताया कि कुसुम 15 सितम्बर 2018 को समूह से जुड़ी।समूह से 7000 हजार रुपये ऋण लेकर बकरी पालन किया और ऋण की अदायगी भी कर दी।उसके बाद सामुदायिक निवेश निधि से 50000 ऋण लेकर परचून की दुकान खोली।जिससे 300–500 रुपये प्रतिदिन आय होने लगी।समय से ऋण की भी अदायगी कर दी।फिर परचून की दुकान बढ़ाने के लिए सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिटेड) से 1 लाख लेकर सामान बढ़ाया।
पति राजगीर मिस्त्री थे।रोज काम नहीं मिलता था।बैंक से 3 लाख ऋण लेकर आटो रिक्शा दिलवाया।जिससे 400-500 रुपये प्रतिदिन आय हो रही है।पति-पत्नी दोनों स्वरोजगार अपना कर जीवन यापन कर रहे हैं।और बच्चों को शिक्षित भी कर रहे हैं।राष्ट्रीय ग्रामीण मिशन गांव की गरीब महिलाओं के लिए बरदान साबित हो रहा है।गांव का परिवेश,समूह से जुड़कर उनके जीवन स्तर में क्या बदलाव आया आदि पर डाक्यूमेंट्री फिल्म बनायी है।ब्लाक मिशन प्रबंधक जितेन्द्र कुमार सिंह ने भी सहयोग प्रदान किया।