स्वास्थ्य विभाग ने अल महमूद अस्पताल में टीबी टीकाकरण जागरुकता हेतु की बैठक

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जन समुदाय को जागरूक कर टीबी की स्क्रीनिंग कराये जाने पर दिया जायेगा विशेष जोर

अनंत पत्र
वाराणसी। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीइपी) के अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में सुदामापुर, बजरडीहा स्थित अल महमूद अस्पताल में टीबी और टीकाकरण की जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया| कार्यक्रम की शुरुआत करते हुये जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ पीयूष राय ने टीबी (ट्यूबरक्लोसिस) के बारे में तथा इसके बचाव पर विस्तार से चर्चा की| उन्होंने ट्यूबरक्लोसिस की स्क्रीनिंग कराये जाने पर विशेष जोर दिया और कहा कि इसमें समुदाय की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है और इसके आधार पर ही हम एक निश्चित सीमा के अंदर जनपद से ट्यूबरक्लोसिस के मरीजों की संख्या कम कर पायेंगे। साथ ही साथ सरकार द्वारा मरीजों को एवं चिकित्सालय को दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में भी विस्तृत रूप से बताया।
उन्होंने निजी चिकित्सालयों द्वारा मरीजों के नोटिफिकेशन की आवश्यकता एवं मरीज के परिजनों को दी जाने वाली टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी के संबंध में विस्तार से बताया| उन्होंने बताया कि टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट में पहले 6 माह तक दवा चलती थी परंतु अब सप्ताह में एक गोली के साथ मात्र 3 महीने का कोर्स जनपद वाराणसी में शुरू हो गया है। मरीज को पूर्व में ₹500 प्रतिमाह की जगह अब ₹1000 प्रतिमाह दिए जाते हैं इस संबंध में भी जनमानस को विभिन्न साइन बोर्ड के माध्यम से अवगत कराने हेतु अल महमूद अस्पताल के प्रशासन को भी बताया गया।
यूनिसेफ से डॉक्टर शाहिद ने बच्चों के टीकाकरण, गर्भवती का समय से चिकित्सालय में पंजीकरण, प्रसव पूर्व 4 जाँच, आयरन व फोलिक एसिड के महत्व, केएमसी (कंगारू मदर केयर) इत्यादि के बारे में विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।
अल मोहम्मद समिति के प्रेसीडेंट हाजी जुबेर अहमद ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए टीबी मरीजों के खोजी अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आश्वासन दिया और कहा कि इस दिशा में हम लोग सक्रिय रूप से कार्य करके कार्यक्रम को सफल बनाएंगे।
मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में पड़ने वाले अस्पताल में समुदाय से आने वाले प्रभावशाली व्यक्तियों द्वारा संगोष्ठी में प्रतिभाग किया गया तथा ट्यूबरक्लोसिस हेतु जनमानस में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।
इस दौरान बैठक में उपाध्यक्ष हाजी रसीद अहमद, सचिव हाजी नावेद अशरफ, संयुक्त सचिव हाजी अब्दुल लतीफ़ और हाजी इशरत बेलाल , डॉ अख्तर मसूद तथा अस्पताल के अन्य स्टाफ मौजूद रहे।

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