टीकाकरण कौशल में वृद्धि हेतु राइज इ-लर्निंग प्लेटफार्म का जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित
अनंत पत्र
वाराणसी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) द्वारा टीकाकरण कार्यक्रम को सुदृढ बनाने एवं टीकाकरण कौशल में वृद्धि हेतु राइज (रैपिड इम्यूनाइजेशन स्किल इनहैंसमेंट) इ-लर्निंग प्लेटफार्म विकसित किया गया है। जिसमें जेएसआई संस्था द्वारा सहयोग किया जा रहा है। इस इ-लर्निंग प्लेटफार्म का उद्देश्य स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को टीकाकरण कार्यक्रम के कुशल संचालन हेतु उनके ज्ञान एवं कौशल में वृद्धि करना है। इस क्रम में गुरुवार को अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यालय सभागार में जिला एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारियों का प्रशिक्षण राज्य स्तर से आये प्रशिक्षक प्रोजेक्ट ऑफिसर प्रमोद बोराखेड़े , डाटा ऑफिसर मो. अनवर हुसैन (स्टेट जेएसआई टीम), जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एके मौर्या एवं डीएचइआईओ हरिवंश यादव के द्वारा प्रदान किया गया।
इस प्रशिक्षण में अपर निदेशक डॉ नीता कुलश्रेष्ठ ने कहा कि राइज इ-लर्निंग प्लेटफार्म टीकाकरण कर्मियों को उनके ज्ञान एवं कौशल में वृद्धि के साथ-साथ टीकाकरण में गुणवत्ता प्रदान करेगा इस लिए आप सभी अपने अपने ब्लाक के स्वास्थ्य कर्मियों को पूर्ण मनोयोग से प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा धिकारी डॉ संदीप चौधरी ने निर्देशित किया कि इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लेते हुये जिले के समस्त टीका कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाये। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रकार के दुविधाओं को दूर करने के पश्चात ही जायें। ब्लाक स्तर पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण में समस्त टीकाकरण कर्मियों जैसे एएनएम, सीएचओ, स्टाफ नर्स एवं महिला पर्यवेक्षकों (एलएचवी) को सम्मिलित कर प्रशिक्षित किया जाये।इनकी सूची जनपद स्तर पर भी उपलब्द्ध कराई जाये।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एके मौर्या ने बताया कि प्रशिक्षण में टीकाकरण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए राइस इ-लर्निंग प्लेटफार्म किस तरह से कार्य करता है, इसमें शामिल मॉड्यूल किस तरह से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को टीकाकरण कौशल में वृद्धि हेतु तकनीकी जानकारी प्रदान करता है, इसके बारे में विस्तृत रूप से बताया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि राइस इ-लर्निंग प्लेटफार्म में कुल पांच माड्यूल हैं। प्रशिक्षणार्थी को सभी 5 मॉड्यूल को पूर्ण करना जरूरी है। एक मॉड्यूल को पूरा करने के 15 दिन बाद दूसरा मॉड्यूल शुरू होगा। इस तरह 5 मॉड्यूल 75 दिन के अंदर पूर्ण होगा। प्रशिक्षण में प्री एवं पोस्ट टेस्ट के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को स्व मूल्यांकन की सुविधा भी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी हरिवंश यादव, सभी सीएचसी के चिकित्साधिकारी,एचइओ,डब्ल्यूएचओ की एसएमओ डॉ चेल्सिया, डॉ सतरूपा, यूनिसेफ से डॉ शाहिद, यूएनडीपी से रीना वर्मा, यूएनडीपी यू-विन कोऑर्डिनेटर प्रवीण मिश्रा, डबल्यूजेसीएफ से प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर (आरआई) वाराणसी एवं आजमगढ़ मंडल धर्मेन्द्र तिवारी व संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।