

अनंत पत्र
काशी विद्यापीठ। प्रमोशन आफ एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन फार इन-सीटू मैनेजमेंट आफ क्राप रेजिड्यू योजना के तहत फसल अवशेष (पराली प्रबंधन) को जलाने से उत्पन्न होने वाली हानियों से किसानों को अवगत कराने को लेकर गुरूवार को वाराणसी जनपद के सभी विकास खंडों के 75 न्यायपंचायतों में कृषक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया था।
गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को पराली जलाने से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण से मिटटी, जलवायु व मानव स्वास्थ्य को होने वाली हानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही पराली जलाने वालों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाही के प्रावधानों से भी किसानों को अवगत कराया। साथ ही पराली प्रबंधन को लेकर गांवो में जागरूकता रैली भी निकाली गयी।
उप कृषि निदेशक अखिलेश सिंह ने बताया कि जनपद के विकास खण्ड काशी विद्यापीठ के आठ, आराजी लाइन के 11, बड़ागांव के 10, पिण्डरा के 10, हरहुआ के आठ, चोलापुर के 10, चिरईगांव के आठ व सेवापुरी के 10 न्याय पंचायतों में कृषक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया था। उन्होंने ने बताया कि गोष्ठियों के पर्यवेक्षण के लिए संबंधित ब्लाक के एडीओ कृषि को नामित किया गया था। तथा क्रियान्वयन की जिम्मेदारी न्याय पंचायतस्तरीय प्राविधिक सहायक को दी गयी थी।