
अनंत पत्र
वाराणसी। काशी विद्यापीठ ब्लाक क्षेत्र के अखरी गांव में रविवार को पीएस फोर (प्रजापति शोषित समाज संघर्ष समिति) के 13 वें स्थापना दिवस पर जाति जनगणना विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
भारत रत्न डा0 भीमराव अंबेडकर, डा0 रतनप्पा कुम्हार व संत राम बीए के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समिति प्रमुख छेदी लाल निराला ने कहा कि केंद्र सरकार के जाति जनगणना कराने की घोषणा का स्वागत है मगर इतने से काम नहीं चलने वाला। सरकार जाति जनगणना की तिथि की भी घोषणा करें। जाति जनगणना से जाति के संख्या का आकलन समेत अन्य जानकारियां मिलेंगी। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व सरकार ने महिलाओं को राजनीति में 30 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की मगर लागू 2029 में क्यों करने की बात कही जा रही है इसे तत्काल लागू किया जाए। आम लोगों के हित को देखते हुए महंगाई पर भी लगाम लगाने को भी कहा।
वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेम प्रकाश यादव ने मतदान में इवीएम के उपयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि विश्व के तमाम देशों ने इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दिया गया है भारत में भी इस पर रोक लगाते हुए बैलेट पेपर मतदान कराने की मांग की।
वक्ताओं ने जातिगत भेदभाव, शिक्षा, चिकित्सा आदि विषयों पर विचार व्यक्त किए।
वक्ताओं में डा0 शिवशंकर वर्मा, डा0 अनूप श्रमिक, सुनील चौधरी, रामलखन प्रजापति, रमेश चौधरी, राजेश प्रजापति आदि थे। संचालन राजेश वर्मा ने किया।