बुजुर्गों के उपचार का सहारा बनी आयुष्मान। सीएमओ

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सीएमओ ने ओपीडी में देखकर 5 आयुष्मान कार्ड धारकों को कराया भर्ती
सीएचसी चौकाघाट में भर्ती कर किया जा रहा है इलाज

अनंत पत्र

वाराणसी। बनारस अब चिकित्सा सुविधा के हब में तब्दील हो चुका है। यहाँ एक से एक खतरनाक और जानलेवा बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसी कड़ी में बुजुर्गों की सेहत का ख्याल रखने के लिए सरकारी अस्पताल में भी ये सुविधा मुहैया कराई जा रही है। मौजूदा समय में बुजुर्गो के उपचार की विशेष सुविधा आयुष्मान योजना वृद्धजनों के उपचार के लिए बड़ा सहारा बन चुकी है। इस क्रम में आज मुख्य चुकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने विभिन्न बीमारियों से ग्रसित 5 बुजुर्गों को सीएचसी चौकाघाट की अपनी ओपीडी में देखकर उन्हें भर्ती कराया है ताकि वरिष्ठ नागरिकों को किसी तरह की दिक्कत न हो। ये सुविधायें वरिष्ठ नागरिकों के इलाज में वरदान साबित हो रही है। इसकी जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने दी। सीएमओ ने बताया कि वृद्धावस्था उम्र का एक ऐसा पड़ाव है जिसमें अधिकांश लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वृद्ध होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और उम्र बढने पर अल्जाइमर, आर्थराइटिस, अस्थमा व ब्रोंकाइटिस, मोतियाबिंद, श्रवणशक्ति के कमजोर होने, अवसाद, मधुमेह जैसे रोग पीड़ा देने लगते हैं। वृद्धावस्था में होने वाले ऐसे तमाम रोगों का उपचार आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क किया जा रहा है। सीएमओ ने सीएचसी चौकाघाट में उपचार कराने आये नाटी इमली निवासी 86 वर्षीय शिवनाथ सिंह को बताया कि आप स्पोंन्डलाईटिस विथ न्यूरोपैथी समस्या से पीड़ित हैं। यहां भर्ती कर उपचार किया जायेगा। उपचार कराने आये दूसरे मरीज रमाकांत नगर निवासी 76 वर्षीय बसंत गोपाल को बताया कि आप पार्किसनिज्म विथ न्यूरो मस्कुलर डिसऑर्डर समस्या से पीड़ित हैं। इसी तरह लल्लापुरा निवासी 70 वर्षीय कुसुमलता को देखा, उन्हें मधुमेह विथ न्यूरो मस्कुलर डिसऑर्डर तथा बुखार से पीड़ित थीं| इसी तरह अन्य दो मरीजों को भी इस बीमारी से पीड़ित पाये जाने पर उन्हें भी योजना के तहत भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। सीएचसी चौकाघाट की अधीक्षिका डॉ फाल्गुनी गुप्ता ने बताया कि सभी मरीजों को भर्ती कर समुचित इलाज किया जा रहा है तथा चिकित्सालय में 24 घंटे चिकित्सकों की ड्यूटी लगायी गई है| बुजुर्गों ने बताया कि सबसे बड़ा लाभ तो यह है कि यहां दिखाने के लिए न तो भीड़ का सामना करना पडा और न ही कोई और परेशानी हुई।

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