संचारी दस्तक अभियान,सभी विभागों का सहयोग सराहनीय। सीएमओ

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• अभियान के दौरान 1573 निकाली गई जन-जागरूकता रैली

अनंत पत्र
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता का विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एक अप्रैल से तीस अप्रैल तक सफलता पूर्वक चलाया गया । इस अभियान में सभी विभागों ने लगभग शत प्रतिशत लक्ष्य को पूरा कर लिया है। दस्तक अभियान में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगभग 7 लाख घरों का सर्वेक्षण किया गया।
इसमें बुखार, इनफ्लुएंजा लाइक इलनेस (सर्दी, खांसी, जुखाम) लक्षण वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई। इसके अलावा अभियान में समुदाय में महिलाओं की बैठक, स्वयं सहायता समूह की बैठक एवं जन जागरूकता रैली निकाली गईं।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत चलाया गया दस्तक अभियान –
जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद पाण्डेय ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान भी चलाया गया। इसके तहत आशा और आगंनबाड़ी कार्यकर्ता ने घर-घर दस्तक देकर 2091 बुखार और 496 आईएलआई के रोगी चिह्नित किए गए। दस्तक अभियान के अंतर्गत आशा द्वारा घर-घर जाकर 697 मलेरिया के लक्षण वाले, सर्दी जुकाम बुखार के 496। टीबी के लक्षण वाले 35 , फाइलेरिया के लक्षण वाले 39, कुष्ठ के लक्षण वाले 4 व्यक्ति पाए गए। समस्त की जांच एवं उपचार किया गया|
1573 निकाली गईं जन जागरूकता रैली –
डीएमओ ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से 1573 जन जागरूकता रैली निकाली गईं। ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत ग्राम प्रधानों की ओर से 694 प्रभात फेरी व बैठक की गईं। 2516 नालियां साफ और 1439 झाड़ियों काटी गईं। 308 इंडिया मार्क-2 हैंडपंप सही कराए गए और 126 प्लेटफॉर्म सही किए गए। 110 तालाबों और 145 गंदे जल भराव को साफ कराया गया। स्वच्छ भारत मिशन की ओर से 569 शौचालय बनाए गए। नगर विकार विभाग की ओर से 100 वार्डों की नालियां साफ कराई गईं और फोगिंग कराई गई।
इसके साथ ही पशुपालन और कृषि विभाग की ओर से क्रमशः 113 और 694 जागरूकता बैठक की गईं। पशु चिकित्सा विभाग ने 113 शूकर पालकों को संवेदीकृत किया। चूहा छछूंदर से बचाव की संवेदीकरण बैठक 694 की गई। नगर निगम के द्वारा समस्त वार्डो में सफाई व छिड़काव किया गया ।
हर रविवार मच्छर पर वार, खत्म करेंगे डेंगू-
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप चौधरी ने जनपदवासियों से अपील की है कि यह अभियान वर्ष पर्यंत चलना चाहिए। सभी अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखें। झाड़ियां न उगने दें, जल जमाव न होने दें, रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल या लार्वा रोधी रसायन डालें, कूलर का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, पूरी बांह के कपड़े पहनें, कोई भी बुखार का लक्षण दिखे तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच एवं इलाज कराए, बाहर के दूषित भोजन पानी का प्रयोग न करें। उन्होंने ‘हर रविवार मच्छर पर वार, खत्म करेंगे डेंगू, मलेरिया बुखार’ का संदेश दिया।

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