विकास भवन सभागार में आयोजित हुआ किसान दिवस

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अनंत पत्र

वाराणसी। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में विकास भवन, सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विभाग के साथ-साथ सिंचाई, लघु सिंचाई, सहकारिता, मत्स्य, उद्यान, नलकूप, पशुपालन, विद्युत, कृषि विज्ञान केन्द्र, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक रेशम यू0पी0 नेडा दुग्ध विकास अधिकारी एवं जनपद के कृषकों ने भाग लिया।

सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी देते हेतु अधिक से अधिक कृषकों को योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया। इसी क्रम में सहकारिता विभाग द्वारा बताया गया कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में सभी समितियों पर डी0ए0पी0 एवं एन0पी0के0 पर्याप्त में उपलब्ध है, समितियॉं रोस्टर के अनुसार समितियॉं खुल रही है। समितियों पर सचिव का नाम व मोबाइल नम्बर अंकित है, साथ ही बताया गया कि प्राइवेट डी0ए0पी0 का 30 प्रतिशत वितरण भी समितियों द्वारा किया जा रहा है, कृषको से नैनो यूरिया एवं नैनो डी0ए0पी0 का प्रयोग करने हेतु अनुरोध किया गया।

जिला कृषि अधिकारी द्वारा बताया गया कि गेहॅू बीज वितरण हेतु प्राप्त लक्ष्य के सापेक्ष वितरित किया जा चुका है। जनपद में गेहॅूं की मांग को देखते हुए 2000 कुं0 गेहूॅ की मांग किया गया है। जिसमें से 700 कुं0 गेहूॅॅ का बीज प्राप्त हो चुका है जिसका बीज गोदामों के माध्यम से तत्काल सब्सिडी देय अनुदान पर नियमानुसर वितरण कराया जा रहा है। शेष गेहूॅ का बीज जल्द ही प्राप्त हो जाएगा। जिला कृषि रक्षा अधिकारी वाराणसी द्वारा बताया गया कि गेहूॅ की बुवाई करने से पहले बीज शोधन करना अनिवार्य है। बीज शोधन दो प्रकार से किया जा सकता है, रसायन एवं जैविक विधि से किया जा सकता है। ट्राईकोडर्मा एवं ब्यूवेरिया वैसियाना कृषि रक्षा भण्डारों पर 75 प्रतिशत एवं, सल्फोसल्फ्यूरान कार्बेन्डाजिम, मैन्क्रोजेब एवं पेंडीमेथिलीन मूल्य का 50 प्रतिशत अनुदान पर देय है। उपरोक्त रसायनो का फसलों में नियमानुसार प्रयोग करके किसी भी प्रकार नुकसान से बचा जा सकता है। पशुपालन विभाग द्वारा बताया गया कि पशुपालन विभाग द्वारा जिले में मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना चलाई जो रही है इस योजना के तहत पशुपालाकों को 10 उन्नत नस्ल यथा गिर, थारपारकर और साहीवाल जैसी उच्च गुणवत्ता वाली देशी नस्लों की गायें शामिल हैं, जो प्रदेश के बाहर से क्रय किया जाना है। इकाई स्थापित करने में 11.80 लाख रूपये का अनुदान मिलेगा, योजना की कुल लागत 23.60 लाख रूपये है, जिसमें 50 प्रतिशत सरकार की तरफ से अनुदान देय है।

जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक द्वारा बताया गया कि रबी में फसल बीमा चालू हो गया है जो 31 दिसम्बर तक चलेगा। साथ बताया गया कि वर्तमान समय में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना संचालित है, इसके अन्तर्गत 18 से 70 वर्ष की आयु के लोगों का मात्र रू0 20 वार्षिक प्रीमियम की दर पर 2 लाख का एक्सीडेंटल बीमा एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजनान्तर्गत 18 से 50 वर्ष आयु के लोगों का रू0 436 वार्षिक प्रीमियम की दर पर रू0 2 लाख का बीमा सामान्य एवं एक्सीडेंटल मृत्यु पर बैंकों द्वारा किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त अटल पेंशन योजनान्तर्गत 18 से 40 वर्ष तक की आयु हेतु निर्धारित प्रीमियम दर पर बीमा किया जाता है, जो 60 वर्ष की आयु पूर्ण हो जाने के पश्चात रू0 1 हजार से लेकर रू0 5 हजार की दर पेंशन के रूप में देय है।

उप कृषि निदेशक द्वारा उपस्थित कृषकों से अपेक्षा की गई कि धान की पराली किसी भी दशा में न जलाया जाए अन्यथा पकड़े जाने पर दो एकड़ से कम क्षेत्रफल के लिए 5000 रूपये प्रति घटना,दो से पांच एकड़ क्षेत्रफल तक के लिए 10000 रूपये एवं पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल के लिए 30 हजार रूपये प्रति घटना की दर से आर्थिक अर्थदंड/जुर्माना लगाने का प्राविधान है। पराली जलाने की घटना की पुनरावृत्ति होने पर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किये जाने का प्रावधान है। जिन खेतों में धान की कटाई मशीनों द्वारा करायी गयी है उनमें सुपर सीडर से गेहूॅं की बुवाई कराये।

मुख्य विकास अधिकारी द्वारा कृषकों से अपेक्षा की गई कि जनपद में उद्यान विभाग के माध्यम से कृषको का कलस्टर बनाकर मखाने की खेती की जाए, इसके लिए जो भी तकनीकी/अनुदान देय है उद्यान विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इसी क्रम में उद्यान विभाग को निर्देशित किया गया कि इसका प्रचार-प्रसार क्षेत्रीय कृषको में कराया जाए। साथ ही समस्त विभागों को निर्देशित किया गया कि उपस्थित कृषकों द्वारा जो भी समस्याएं इस किसान दिवस के माध्यम से उठायी गयी है उसका समाधान तत्काल करें।

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