यूपी महराजगंज के मनोज टिबड़ेवाल को मिलेगा 25 लाख मुआवजा

अनंत पत्र
वाराणसी। यूपी के महराजगंज में 2019 में मनोज टिबड़ेवाल नाम के शख्स का मकान गिराने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सख्त रुख दिखाते हुए 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव से पूरे मामले की विभागीय जांच और कार्रवाई का आदेश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सड़क के विस्तार से पहले सर्वे होना चाहिए था। यह देखा जाना चहिए कि उसकी मौजूदा चौड़ाई क्या है और उसमें कितने विस्तार की जरूरत है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि जिनका मकान उस दायरे में आ रहा था उन सभी को नोटिस देना चाहिए था और सभी का पहले पक्ष सुनने के बाद ही नियमों के मुताबिक कार्रवाई करना चाहिए था। अपने फैसले में चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस आदेश की कॉपी सभी राज्यों को भेजने का भी निर्देश दिया है और कहा है कि सभी राज्य सड़क विस्तार से पहले उचित प्रक्रिया का पालन करें।
गौरतलब है कि ये पूरा मामला 2019 का है, जब महराजगंज के हमीद नगर के रहने वाले मनोज टिबड़ेवाल ने अदालत को चिट्ठी के जरिए अपने साथ हुई घटना के बारे में जानकारी दी थी। इस चिट्ठी के जरिए 13 सितंबर को नेशनल हाइवे निर्माण के दौरान उनका पुश्तैनी मकान गिरा दिया गया था। पहले न तो जमीन अधिग्रहण हुआ और न ही कोई नोटिस दिया गया था लेकिन अचानक मकान को तोड़ दिया गया।