

अनंत पत्र
वाराणसी। मुख्य विकास अधिकारी महोदय के निर्देशानुसार उप कृषि निदेशक, वाराणसी की अध्यक्षता में गोबर्धन वाराणसी फाउण्डेशन, एस0पी0वी0, शाहंशाहपुर, वाराणसी में कृषक उत्पादक संगठन की जनपद स्तरीय परियोजना प्रबन्धक इकाई की मासिक बैठक सम्पन्न हुई।
विक्रमादित शिंदे ने उपस्थित एफ0पी0ओ0 को बताया कि गोबर्धन वाराणसी फाउण्डेशन में जैविक खेती की संभावना तथा इनपुट के रूप में सी.बी.जी प्लान्ट से नेचुरल मैन्योर (प्राकृतिक जैविक खाद) का उत्पादन किया जा रहा है। जिसे एफ0पी0ओ0 को रू0-5 प्रति किग्रा की दर दिया जाएगा।
एफ0पी0ओ0 द्वारा धान की पराली को गोबर्धन वाराणसी फाउण्डेशन तक पहुंचाने पर रू0 3.50 किग्रा की दर खरीददारी करेगा। साथ ही एफ0पी0ओ0 से नेपियर घास की खेती कराए जाने की भी अपेक्षा की गयी, नेपियर घास को गौबर्धन फाउण्डेशन तक पहुंचाने पर रू0-1.50 किग्रा दर खरीददारी करेंगा। नेपियर घास को एक बार लगाने पर पॉंच वर्षों तक कटाई की जा सकती है।
जिला उद्यान अधिकारी वाराणसी द्वारा एफ0पी0ओ0 से जनपद में पान की खेती कराए जाने हेतु अपेक्षा की गयी। वर्तमान समय में जनपद में दो कृषकों द्वारा ही पान की खेती की जा रही है। विभाग द्वारा तैयार किए गए हाईटेक नर्सरी से तैयार पौधों को 2.00 रू0 प्रति पौध तथा एफ0पी0ओ0 द्वारा उपलब्ध कराये गये बीज की नर्सरी तैयार करके रू0 1.00 प्रति पौध की दर से दिया जाएगा एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना अन्तर्गत कृषकों को 75 से लेकर 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। उप कृषि निदेशक, वाराणसी द्वारा उपस्थित समस्त एफ0पी0ओ से अपेक्षा की गयी की गोबर्धन वाराणसी गोबर्धन फाउण्डेशन से जुड़कर नेचुरल मैन्योर (प्राकृतिक जैविक खाद) की बिक्री (विपणन) करके लाभ कमा सकते हैं।