हर ओर प्राण प्रतिष्ठा का रहा उल्लास, सैकड़ो स्थान पर हुए सीधे प्रसारण, देवालयों में हुए दीपदान
भाजपा जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों ने 200 देवालयों में दीपोत्सव का पर्व मनाया, बाॅटी मिठाइयां

अनंत पत्र
वाराणसी। श्रेष्ठतम आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में अयोध्या धाम की पुनर्स्थापना दिवस सोमवार को भारतीय जनता पार्टी महानगर के पदाधिकारी ने मंदिरों में स्वच्छता अभियान चलाया। सुंदरकांड का पाठ किया, भजन कीर्तन की तथा सैकड़ो स्थान पर एलइडी टीवी के माध्यम से यह प्रसारण की व्यवस्था की गई थी। सायंकाल भव्य दीपोत्सव के साथ आरती में भाग लिया। इस अवसर पर मिष्ठान का भी वितरण किया गया। इस ऐतिहासिक दिन जब अयोध्या धाम में लगभग 500 वर्षों के उपरांत अखिल विश्व ब्रह्मांड नायक साक्षात् परम् ब्रह्म परमात्मा प्रभु श्री राम जी जब अपने धाम में विराजमान हुए तो इस परम आनंद एवं उल्लास का वातावरण चारों ओर दिखाई दिया साथ ही सायं काल दीपावली का उत्सव पूरे उत्साह एवं धूमधाम से मनाया गया।
इस पावन मौके पर महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय बेचू महादेव मंदिर महमूरगंज, महापौर अशोक तिवारी काशी विश्वनाथ मंदिर, राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल महावीर मंदिर, राज्यमंत्री डॉक्टर दयाशंकर मिश्र दयालु काशी विश्वनाथ मंदिर, विधायक डॉक्टर नीलकंठ तिवारी काशी विश्वनाथ मंदिर, विधायक सौरभ श्रीवास्तव राम जानकी मंदिर कैंट मंडल, विधान परिषद सदस्य अशोक धवन बंगलामुखी हनुमान मंदिर डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी मंडल, प्रदेश मंत्री शंकर गिरी शिव मंदिर कैलाश मठ महमूरगंज, प्रदेश मंत्री मीना चौबे दुर्गा मंदिर आनंद नगर राजर्षि मंडल, प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर हनुमान मंदिर सिगरा, प्रदेश सह संयोजक राजेश त्रिवेदी शिव मंदिर जयप्रकाश नगर, क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया शिव मंदिर पंचायती कुआं बागेश्वरी मंडल, आत्मा विशेश्वर काल भैरव मंदिर, मधुकर चित्रांश राम जानकी मंदिर भोजुबीर, डॉक्टर गीता शास्त्री हनुमान मंदिर सुंदरपुर, इंजीनियर अशोक यादव दैत्रावीर बाबा मंदिर रमाकांत नगर, आलोक श्रीवास्तव पंचवटी मंदिर कैंट, अभिषेक मिश्रा अगिया जोगिया मंदिर नेवादा, एडवोकेट अशोक कुमार मरी माता मंदिर तेलिया बाग, राहुल सिंह तुलसी मानस मंदिर, नवीन कपूर लाजपत नगर में सुंदरकांड पाठ, जगदीश त्रिपाठी हनुमान मंदिर भोजुबीर, अशोक पटेल संकट मोचन मंदिर, मीडिया प्रभारी किशोर सेठ नवदुर्गा मंदिर नवापुरा सहित सभी पदाधिकारियों एवं सभी 13 मंडलों में मंडल अध्यक्ष एवं सभी मोर्चों, प्रकोष्ठों के पदाधिकारी ने बढ़-चढ़कर कार्यक्रमों में हिस्सेदारी की।