- पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में केवीआईसी अध्यक्ष ने ग्रामीण कारीगरों को बांटे मशीनरी और टूलकिट
- ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत 400 विद्युत चालित चाक, 108 टूलकिट्स का वितरण.
- सेवापुरी के खादी ग्रामोद्योग विद्यालय के प्रांगण में प्राकृतिक पेंट की नई उत्पादन और प्रशिक्षण इकाई का शुभारंभ.

वाराणसी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के सेवापुरी में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अध्यक्ष मनोज कुमार ने ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत 508 मशीनरी और टूलकिट का वितरण किया। वितरण कार्यक्रम के दौरान सेवापुरी के खादी ग्रामोद्योग विद्यालय प्रांगण स्थित केवीआईसी के गैर विभागीय प्रशिक्षण केंद्र (Non Department Training Centre) में नवनिर्मित प्राकृतिक पेंट इकाई का भी शुभारंभ किया गया। इस पेंट इकाई में गोबर से प्राकृतिक पेंट के उत्पादन के साथ ही नव उद्यमियों को पेंट बनाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस पेंट इकाई से प्रशिक्षण प्राप्त लाभार्थी स्वयं की पेंट उत्पादन यूनिट लगा सकेंगे। इसके माध्यम से वाराणसी क्षेत्र के साथ-साथ पूर्वांचल में बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा।
वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्ष केवीआईसी श्री मनोज कुमार ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘मोदी सरकार की गारंटी’ वाली ‘नये भारत की नयी खादी’ ने ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत अभियान’ को नयी दिशा दी है। पिछले 9 वर्षों में खादी उत्पादों की बिक्री में चार गुना से अधिक की बिक्री ने ग्रामीण भारत के कारीगरों को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। वितरण कार्यक्रम में केवीआईसी के मंडलीय कार्यालय वाराणसी के अंतर्गत आनेवाले 12 जिलों के लाभार्थियों को 400 विद्युत
चालित चॉक, 20 पैडल चालित अगरबत्ती मशीनें, 8 डोना पत्तल निर्माण मशीनों के साथ ही 40 इलेक्ट्रिशियन और 40 प्लंबर को टूलकिट का वितरण भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने कहा कि पूरे देश में इस समय 3000 से अधिक खादी संस्थाएं कार्यरत हैं जिसके माध्यम से 5 लाख से अधिक खादी कारीगरों और कार्यकर्ताओं को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि मंडलीय कार्यालय वाराणसी के अंतर्गत करीब 120 खादी संस्थाएं कार्यरत हैं जिनके द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के करीब 26 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल रहा है, जिसमें महिलाओं की करीब 80 प्रतिशत भागीदारी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में खादी ने उत्पादन और बिक्री के नये रिकॉर्ड पिछले वर्षों में हासिल किये हैं। उन्होंने बताया कि वाराणसी क्षेत्र की खादी संस्थाओं का उत्पादन वित्तवर्ष 2021-22 में जहां 110.40 करोड़ रुपये से अधिक था वहीं 2022-23 में ये बढ़कर 189.81 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसी तरह से 2021-22 में खादी कपड़ों की बिक्री जहां 213.07 करोड़ रुपये से अधिक थी वहीं ये वित्त वर्ष 2022-23 में बढ़कर 250.70 करोड़ रुपये के आंकड़े तक पहुंच गई।
वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मंत्र ने खादी को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई है। पिछले 9 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योगी उत्पादों का कारोबार 1.34 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है, जबकि इस दौरान 9.50 लाख से अधिक नये रोजगार का सृजन हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि खादी और ग्रामोद्योग आयोग ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत केवीआईसी ने अभी तक 27 हजार से अधिक कुम्हार भाइयों और बहनों को विद्युत चालित चॉक का वितरण किया है, जिससे 1 लाख से अधिक कुम्हारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। इसी योजना के तहत 6000 से अधिक टूलकिट और मशीनरी का वितरण किया गया है, जबकि हनी मिशन योजना के अंतर्गत अभी तक 20,000 लाभार्थियों को 2 लाख से अधिक हनी बी-बॉक्स और बी कॉलोनी का वितरण किया गया है।
वितरण कार्यक्रम में खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि, खादी कार्यकर्ता और कारीगर, ग्रामोद्योग विकास योजना के लाभार्थियों समेत केवीआईसी और उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।