वाराणसी। मुख्य अधिकारी की अध्यक्षता में गुरुवार को विकास भवन, सभागार में किसान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें कृषि विभाग के साथ-साथ सिंचाई, लघु सिंचाई, सहकारिता, मस्त्य, उद्यान, नलकूप, पशुपालन, कृषि विपणन, मण्डी समिति, दुग्ध विकास अधिकारी, एवं जनपद के कृषकों ने सहभागिता किया गया। उप कृषि निदेशक वाराणसी द्वारा उपस्थिति कृषकों से अपनी-अपनी समस्याओं को उपस्थित विभागीय अधिकारियों को अवगत कराए जाने हेतु कहा गया। जिसके क्रम में दिनेश कुमार सिंह द्वारा फसल बीमा के अन्तर्गत ओलोवृष्टि एवं अति वर्षा से हुई क्षति की भरपाई किस आधार पर किया जाता है। जिस पर उप कृषि निदेशक, वाराणसी द्वारा अवगत कराया गया कि बीमा फसल से आच्छादित कृषकों को 72 घण्टे के अन्दर टोल फ्री नं0 व आवेदन के माध्यम से सम्बन्धित को सूचित करना पड़ता है। सूचना के उपरान्त सम्बन्धित विभाग द्वारा सर्वें किया जाता है। सर्वे के पश्चात क्षतिग्रस्त फसलों की नियमानुसार भरपाई की जाती है। रबी में 15 दिनों तक फसल बीमा कराए जाने की अवधि बढ़ायी गयी है। शेष विभागों द्वारा अपनी-अपनी योजनाओं के बारे में अवगत कराया गया। सिंचाई विभाग द्वारा बताया गया कि जनपद वाराणसी में 63 नहरें है। दिसम्बर माह में नहरों की साफ-सफाई हेतु बन्द रहती है। सफाई के उपरान्त 50 नहरों में टेल तक पानी पहुंचाया जा चुका है। शेष नहरों में जल्द ही टेल तक पानी पहुंच जाएगा। नलकूप विभाग के द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में कोई भी ट्यूबेल खराब नहीं है। यदि कहीं कोई समय हो, तो उसे उपस्थित कृषक बताएं, ताकि उसे भी ठीक कराया जा सके। कृषि निर्यात अधिकारी के द्वारा उपस्थित कृषक से अपेक्षा की गयी कि हर ब्लाक में 50 हे0 का एक कलस्टर बनाया जाना है। जिसमें गुणवत्तायुक्त फसलों/सब्जियों का उत्पाद कराकर कृषि निर्यात को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जा सके। वर्तमान में 1 व 2 टन गुणवत्तायुक्त सब्जियों का निर्यात किया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, वाराणसी द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय पशुरोग नियत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद में 15 दिसम्बर, 2023 से खुरपका-मुॅहपका रोग नियंत्रण हेतु टीकाकरण का अभियान चल रहा है, जो 45 दिनांे तक चलेगा। उप दुग्धशाला विकास अधिकारी द्वारा दुग्ध विभाग में संचालित योजनाओं के बारे में उपस्थित कृषकों को विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी। स्वदशी गायो यथा-गिर, साहीवाल, हरियाणा, गंगातीरी एवं थारपारकर से निर्धारित मानक पर दुग्ध उत्पादन करने पर प्रति पशु मु0 10000.00 से मु0 15000.00 रू0 तक की प्रोत्साहन राशि दिया जाता है । एक पशुपालक को अधिकतम 2 गायों के लिए केवल एक बार ही लाभ दिया जायेगा। प्रोत्साहन/पुरस्कार राशि साहीवाल, गिर, थारपारकर, हरियाणा, गंगातीरी गाय हेतु प्रतिदिन 08 से 12 क्रि0ग्रा0 तक दूध देने वाली पर रू0 10000 एवं 12 कि0ग्रा से अधिक दूध देने वाली पर रू0 15000 निर्धारित किया गया है। लघु सिंचाई वाराणसी द्वारा अवगत कराया गया कि गहरी एवं मध्य गहरी बोरिंग हेतु क्रिटिकल जोन को छोड़कर 55 लक्ष्य के सापेक्ष 45 की पूर्ति की जा चुकी है। शेष की पूर्ति हेतु आवेदन अपेक्षित है। मस्त्य विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि निजी भूमि पर तालाब निर्माण कराने जाने हेतु कृषक के पास कम से कम 0.2 हे0 निजी भूमि या आवेदन प्रेषित करने के समय लगभग 07 वर्ष रजिस्टर्ड पट्टा की भूमि होनी चाहिए। एक आवेदक के लिए 2.0 हे0 की सीमा तक ही अनुदान अनुमन्य होगा। उप कृषि निदेशक वाराणसी द्वारा उपस्थित कृषकों को अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में विभिन्न क्षमता (3 एच0पी0, 5 एच0पी0 7.5 एच0पी0 एवं 10एच0पी0 ए0 व डी0सी0) सोलर पम्प स्थापना हेतु लक्ष्य प्राप्त हुए है जिसका आवेदन आन लाइन किया जा सकता है। साथ ही अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री जी द्वारा काशी में हर घर सोलर रूफ टाप योजनान्तर्गत 25000 का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। जिसे www.solarrooftap.gov.in पर नेशनल पोर्टल के माध्यम से हर घर सोलर रूफ टाफ के लिए आन लाइन किया जा सकता है। जिस पर भारत सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा नियमानुसार अनुदान दिए जा रहे हैं। शेष जानकारी हेतु सम्बन्धित विभाग से सम्पर्क स्थापित कर योजना का लाभ उठाया जा सकता है।