स्वास्थ्य केद्रों पर मनाया गया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व

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जनपद के स्वास्थ्य केन्द्रों पर मनाया गया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस

केन्द्रों पर 3222 गर्भवती ने कराई प्रसव पूर्व जांच, मिला उचित परामर्श

पीएमएसएमए दिवस पर निजी अल्ट्रासाउंड के लिए बने 723 ई-रुपी वाउचर

अनंत पत्र

वाराणसी। जनपद के समस्त ग्रामीण व शहर स्तरीय सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ विभिन्न चिकित्सालयों में मंगलवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस मनाया गया। इस दौरान केंद्र पर आईं गर्भवती को प्रसव पूर्व जांच की सेवाएँ प्रदान की गईं। साथ ही योजना से जुड़े जिले के निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर ई-रुपी वाउचर के माध्यम से भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा का लाभ भी उठाया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि जच्चा-बच्चा की सुरक्षा व सुरक्षित प्रसव के साथ शिशु व मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जा रहा है। यह दिवस हर माह की एक, नौ, 16 और 24 तारीख को मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केन्द्रों पर नियमित जांच व उच्च जोखिम गर्भावस्था वाली महिलाओं की प्रसव पूर्व जाँच (एएनसी) कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लायी जा सकती है।
डिप्टी सीएमओ व अभियान के नोडल अधियाकरी डॉ एचसीमौर्य ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस में डिजिटलीकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इस क्रम में जिले के निजी अल्ट्रासाउंड केन्द्रों को योजना से जोड़ा गया है, जिससे गर्भवती को उन केन्द्रों पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिल सके। इसके लिए ई-रुपी वाउचर की सुविधा शुरू की गई है। इसमें गर्भवती को सभी सीएचसी-पीएचसी से ई-वाउचर प्रदान किया जा रहा है। गर्भवती उस ई-रुपी वाउचर से अल्ट्रासाउंड की सुविधा का लाभ उठा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 86 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर योजना से जोड़े जा चुके हैं।
सेवापुरी पीएचसी की महिला चिकित्सक डॉ शालिनी शर्मा ने बताया कि गर्भवती की नियमित जांच एवं प्रसव पूर्व उचित देखभाल की सुविधा देने के लिए पीएमएसएमए दिवस मनाया जा रहा है। इस दौरान गर्भवती के ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन, यूरिन, मधुमेह, सिफलिस, एचआईवी आदि की जांच की जाती है। जांच के दौरान ही उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) वाली महिलाएं चिह्नित की जाती हैं और उनके सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था कराई जाती है। इसके लिए उन्हें उच्च चिकित्सा इकाइयों पर रेफर भी किया जाता है। साथ ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी दी जाती है।
जिला मातृत्व स्वास्थ्य परामर्शदाता पूनम गुप्ता ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस के अंतर्गत मंगलवार को विभिन्न चिकित्सा इकाइयों पर करीब 3222 गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच की गई, जिसमें 411 गर्भवती को उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) के लिए चिन्हित किया गया। दिवस पर गर्भवती की सूची के अनुसार लगभग 723 गर्भवती का ई-रुपी वाउचर अल्ट्रासाउंड के लिए बनाया गया। सभी वाउचर संबन्धित सीएचसी-पीएचसी को प्रदान किए गए। लाभार्थियों को उनके पंजीकृत नंबर पर मिलने वाले ई वाउचर के नोटिफिकेशन के जरिये निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाकर रिडीम करा सुविधा का लाभ ले सकती हैं।

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