समस्त टीबी यूनिट व स्वास्थ्य केन्द्रों पर टीबी जांच संबंधी दी गईं सेवाएँ
जनपद की सभी टीबी यूनिट पर वितरित की गईं लगभग 300 पोषण पोटली
बजरडीहा पीएचसी पर फाइलेरिया रोगियों को देखभाल के लिए प्रदान की एमएमडीपी किट
अनंत पत्र
वाराणसी। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम व प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ संदीप चौधरी के निर्देशन में विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों, टीबी यूनिट व हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ‘एकीकृत निक्षय दिवस’ मनाया गया। साथ ही बाह्य रोग विभाग (ओपीडी) में आने वाले व्यक्तियों की टीबी स्क्रीनिंग की गई और संभावित लक्षण वाले व्यक्तियों का बलगम एकत्र कर जांच के लिए भेजा गया। इसके अलावा दिवस पर फाइलेरिया, कुष्ठ रोग संबंधी गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
दुर्गाकुंड नगरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) स्थित टीबी यूनिट में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ पीयूष राय ने 25 क्षय रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की। पोषण पोटली स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) महिलाओं से क्रय गई थी। पोटली में चना, गुड़, मूँगफली, लाई, सत्तू व अरहर की दाल शामिल है। इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी ने क्षय रोगियों से उपचार व पोषण का हाल जाना। उन्होंने कहा कि नियमित दवा के सेवन साथ ही प्रोटीन व विटामिन युक्त आहार क्षय रोगियों के लिए बेहद आवश्यक है। इसलिए सभी क्षय रोगी नियमित दवा सेवन के साथ-साथ पोषक आहार पर भी अवश्य ध्यान दें। हर माह की 15 तारीख को मनाए जाने वाले निक्षय दिवस का उद्देश्य अधिक से अधिक टीबी मरीजों को चिन्हित कर उन्हें उपचार मुहैया कराना है। साथ ही दवा व पोषण सामग्री के सहयोग से उन्हें जल्द से जल्द स्वस्थ बनाना है।
डॉ पीयूष राय ने कहा कि टीबी का इलाज पूरी तरह से संभव है। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों और चिकित्सालयों में टीबी जांच की सुविधा उपलब्ध है। इसके लक्षण नजर आते ही तत्काल जांच करानी चाहिए। क्षय रोगियों के सभी सदस्यों की टीबी जांच 15 दिन या एक माह में करानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि गोद लिए गए क्षय रोगियों को सम्पूर्ण उपचार के साथ भावनात्मक सहयोग भी दिया जा रहा है। जरूरतमंद व आर्थिक रूप से कमजोर क्षय रोगियों को पोषण व भावनात्मक सहयोग प्रदान करने के लिए लोग आगे आएं। जिला पीपीएम समन्वयक नमन गुप्ता ने बताया कि दिवस पर जनपद के सभी 23 टीबी यूनिट पर लगभग 300 क्षय रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की गयीं। वर्तमान में जनपद में 2437 निक्षय मित्रों के द्वारा 6882 रोगियों को गोद लेकर उपचार व पोषण में सहयोग किया जा रहा है।
यहाँ वितरित हुई फाइलेरिया एमएमडीपी किट – जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) शरत चंद पाण्डेय ने बताया कि एकीकृत निक्षय दिवस के तहत बजरडीहा नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के फाइलेरिया ग्रसित 23 रोगियों को देखभाल के लिए रुग्णता प्रबंधन व दिव्यांगता रोकथाम (एमएमडीपी) किट प्रदान की गई और रोगियों को अभ्यास भी कराया गया।
इस मौके पर एसटीएस उदय सिंह, एसटीएस अभिषेक प्रताप, मलेरिया/फाइलेरिया निरीक्षक अजय कुमार मिश्रा, टीबीएचवी रामकृष्ण शुक्ला, टीबी यूनिट कर्मी समेत अन्य अधिकारी व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।