शतचंडी महायज्ञ-स्थापित हुआ कलश,देवी मंदिरों में भारी भीड़

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वाराणसी । राष्ट्र की समृद्धि के लिए काशी सेवा शोध समिति (भिखारीपुर) की ओर से 19 वां शतचंडी महायज्ञ रविवार को कलश स्थापना के साथ प्रारंभ हुआ।
समिति द्वारा आयोजित 19 वां शतचंडी महायज्ञ चवनेश्वर महादेव मंदिर भिखारीपुर पोखरे पर आयोजित किया जा रहा है। समिति के सचिव डा0 ठाकुर प्रसाद सिंह ने बताया कि यह महायज्ञ अनवरत 19 वीं बार आयोजित हो रहा है। महायज्ञ राष्ट्र के सुख समृद्धि तथा काशी वासियों के विकास के लिए आयोजित किया जा रहा है। हर वर्ष महायज्ञ समाज के विभिन्न मुद्दे को लेकर आयोजित होता रहा है। इस वर्ष यह महायज्ञ भारतीय इसरो वैज्ञानिकों की सफलता के लिए उन्हें समर्पित की गई है।
इस दौरान चवनेश्वर महादेव मंदिर के यज्ञ मंडप से कलश लेकर पुरुष तथा महिलाएं भारी संख्या में निकले। यह कलश यात्रा भिखारीपुर पोखरे से प्रारंभ हुआ जो भिखारीपुर तिराहे, दैत्रवीर मंदिर, भिखारीपुर कला गांव से होते हुए चवनेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आकर स्थापित की गई। जो आचार्य पंडित सत्येंद्र मिश्रा की देखरेख में विधि विधान से संपन्न हुआ। कलश यात्रा में ओंकार सिंह, अशोक सिंह, भिखारीपुर गांव के पूर्व ग्राम प्रधान सुरेंद्र बहादुर सिंह, अनिल सिंह, प्रमोद सिंह अवनीश पाल, अवधेश पटेल, राधा, रीमा, वंदना सिंह आदि थे।
बतादें कि यहां पर नौ दिनों तक सुबह शाम यज्ञ और हवन का कार्यक्रम संपादित होगा। संपूर्ण कार्यक्रम आचार्य पंडित चंद्रमौलि उपाध्याय की देखरेख में संपन्न हो रहा है।
शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की रही भीड़- शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को काशी विद्यापीठ विकास खंड के जफराबाद स्थित दुर्गा मंदिर, लखनपुर गांव स्थित शायरी माता मंदिर समेत केसरीपुर, दफ्फलपुर, नकाईन, मडांव, कादीपुर, गोविंदपुर समेत विभिन्न गांवो के देवी मंदिरों में प्रातःकाल से ही मां के भक्तों की भीड़ नजर आयी। मां के जयकारे से वातावरण भक्तीमय रहा। प्रथम दिन ज्यादातर श्रद्धालुओं ने उपवास रख विधिविधान से मां जगदंबा की पूजाअर्चना कर सुख समृद्धि की मंगलकामना की। मां के भक्तों ने घरों में कलश स्थापित कर मां की उपासना प्रारंभ की। सुबह से ही श्रद्धालु नगर क्षेत्र के देवी मंदिरों में पूजा-पाठ के लिए जाते देखे गये।

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