

वाराणसी। शिक्षक दिवस के अवसर पर मंगलवार को बीआरसी केसरीपुर में शैक्षिक संगोष्ठी व शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सनत कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गयी।
कार्यक्रम की मुख्यअतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने पांच सेवानिवृत व 121 कार्यरत शिक्षकों को अंगवस्त्र, सम्मानपत्र, मेडल व कलम देकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा शिक्षा संसाधनों की उपलब्धता के क्षेत्र में काफी कार्य किया जा रहा है। नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में सरकार की मंशा के अनुरूप शिक्षक बढ़-चढ़कर कर हिस्सा ले रहे हैं। शिक्षक बढ़िया कार्य कर रहे हैं। इन्हें सम्मानित करने में खुशी होती है।
पूर्व विधायक रोहनियां सुरेंद्र सिंह ने कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रतिवर्ष शिक्षकों का सम्मान शिक्षक संघ द्वारा किया जाता है। सरकार द्वारा भी शिक्षकों का सम्मान किया जा रहा है। पहले विद्यालयों में बैठने की व्यवस्था नहीं थी। मगर आज सरकार द्वारा विद्यालय का कायाकल्प करके डेस्क बेन्च, फर्नीचर, शुद्ध पेय जल जैसे भौतिक संसाधनों को बढ़ावा दिया जा रहा है। निश्चित रूप से शिक्षकों के सहयोग से हम सब श्रेष्ठ भारत की कल्पना को साकार करें।
संघ के अध्यक्ष सनत कुमार सिंह ने अतिथियों व शिक्षकों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हम अपने उ0प्र0 शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के सहयोग से यथासम्भव अभाव ग्रसित बच्चों को कलम पेन्सिल, कापी आदि प्रदान करते अनेक महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।
साथ ही सर्वपल्ली डा0 राधाकृष्णन के आदर्शो का अनुकरण करने का भी अनुरोध किया गया।
शिक्षकों ने किया रक्त दान
इस दौरान शिक्षक नेता सनत कुमार सिंह की अगुवाई में शिक्षकों ने शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय में आठ यूनिट रक्तदान किया। इस दौरान राजेश सिंह, मनोज कुमार, विजय गुप्ता, संतोष राय, संजीव राय बिल्लू, वेद प्रकाश सिंह आदि थे।
बच्चों ने उपहार देकर मनाया शिक्षक दिवस
काशी विद्यापीठ विकास खंड के मनोरथपुर, केसरीपुर, भिटारी, गजाधरपुर, घमहापुर, भट्ठी, नकाईन आदि गांवों के परिषदीय विद्यालयों में मंगलवार को बच्चों व शिक्षकों ने भारत के द्वितीय राष्ट्रपति सर्वपल्ली डा0 राधाकृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर शिक्षक दिवस मनाया।
इस दौरान उनके जीवनवृत्त पर चर्चा करते हुए उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। विद्यालयों में केक काटकर बच्चों ने खुशी का इजहार किया साथ शिक्षकों को कलम उपहार स्वरूप भेंट भी किया।