बच्चों के पोषण में सुधार के लिए सुरु होगा हैलो डाक्टर दीदी कार्यक्रम

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गर्भवती व धात्री माताओं के पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता पर भी दिया जाएगा विशेष ध्यान

मोबाइल आधारित सेवा के माध्यम से लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचाई जाएगी विस्तृत जानकारी

आईसीडीएस व स्वास्थ्य समेत कई विभाग करेंगे सहयोग, सीडीओ की देखरेख में संचालित होगा कार्यक्रम

वाराणसी। बच्चों की पोषण स्थिति व स्वच्छता में सुधार लाने के उद्देश्य से एक पहल “हैलो डॉक्टर दीदी” कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है। यह कार्यक्रम प्रदेश सरकार व बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) विभाग के संयुक्त प्रयास तथा हिंदुस्तान यूनीलीवर लिमिटेड, द पावर ऑफ न्यूट्रिशन एंड कारगिल के सहयोग से शुरू किया जा रहा है। यह कार्यक्रम पोषण अभियान के तहत ग्रुप एम के माध्यम से कुपोषण को दूर करने में सहायक बनेगा। यह जानकारी आईसीडीएस विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) दिनेश कुमार सिंह ने दी।
उन्होंने कहा कि मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) हिमांशु नागपाल की देखरेख में इस कार्यक्रम का संचालन किया जाएगा। इसकी संकल्पना जन्म से लेकर छह वर्ष के शिशुओं, उनकी माताओं व गर्भवती की पोषण आवश्यकताओं पर विशेष ध्यान देने के साथ जागरूकता और जिज्ञासा को बढ़ाने के लिए की गई है। पोषण अभियान के हिस्से के रूप में, साबुन से हाथ धोने को बढ़ावा देने के लिए तथा पोषण और स्वच्छता पर जानकारी प्रसारित करने के लिए एक मोबाइल आधारित सेवा ‘इंटरएक्टिव वॉइस रिस्पाँस सिस्टम (आईवीआरएस)’ का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वाराणसी सहित 11 जिलों यथा गोरखपुर, जौनपुर, प्रयागराज, रायबरेली, हमीरपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहाँपुर एवं सीतापुर में शुरू किया जा रहा है।
ऐसी होगी डिजिटल प्रणाली – डीपीओ ने बताया कि आईवीआरएस के तहत निःशुल्क मिस्ड कॉल नंबर 07878781003 की सुविधा के साथ एक मोबाइल आधारित सेवा बनाई गई है। विभाग द्वारा पंजीकृत लक्षित लाभार्थियों को संदेशों की एक श्रृंखला भेजी जाएगी। ‘हैलो डॉक्टर दीदी’ प्रोजेक्ट टीम के सदस्य आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और ग्राम प्रधान के सहयोग से लोगों के बीच निःशुल्क मिस्ड कॉल नंबर सेवा को बढ़ावा देंगे। प्राथमिक लक्ष्य – समूह, विभिन्न प्लेटफार्म और टच पॉइंट के माध्यम से प्रचारित नंबर पर मिस कॉल देकर लक्षित लाभार्थियों को ‘हैलो डॉक्टर दीदी’ कार्यक्रम में पंजीकृत करना सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में पंजीकृत होने के बाद लाभार्थियों की यात्रा शुरू हो जाएगी।
पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर मिलेगी जानकारी – इस कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद में आईसीडीएस विभाग के लाभार्थियों यथा – गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, शून्य से लेकर छह वर्ष तक के बच्चों के अभिभावकों एवं प्रथम पंक्ति कार्यकर्ताओं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका को आईवीआरएस प्रणाली के अन्तर्गत फोन कॉल तथा अंतर वैयक्तिक संप्रेषण (इंटर पर्सनल कम्यूनिकेशन) के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय पर जानकारी प्रदान की जायेगी। वहीं ग्रुप एम के क्षेत्रीय स्तर के कार्यकर्ताओं द्वारा इस सम्बन्ध में फीडबैक भी प्राप्त किया जायेगा।
जिला स्तर पर शुभारंभ – उन्होंने बताया कि परियोजना का शुभारम्भ जिला स्तर पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किया जायेगा। इसमें विभिन्न विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी, आईसीडीएस, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) भी शामिल होंगे। साथ ही परियोजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जिले के अधिकारियों से समर्थन प्राप्त करना, इंटरएक्टिव वॉइस रिस्पोंस सिस्टम (आईवीआरएस) प्रणाली का प्रदर्शन, परियोजना के तहत विकसित विभिन्न आईईसी सामग्रियों/रचनात्मकता का प्रदर्शन करना होगा।
ग्रामीण स्तर पर शुभारंभ – डीपीओ ने कहा कि सभी पहलुओं का ग्रामीण स्तर पर शुभारंभ किया जाएगा। एक अनुकूल वातावरण निर्माण गतिविधि जहां सभी विभागों यथा आईसीडीएस, स्वास्थ्य, पंचायत राज, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), शिक्षा, मनरेगा, आदि के ग्राम स्तरीय कार्यकर्ता के साथ–साथ गर्भवती महिलाओं, जन्म से लेकर छह वर्ष तक के बच्चों की माताओं, पिता व पति सहित समुदाय के अन्य सदस्य शामिल होंगे। इसके अलावा सास-ससुर भी शुभारंभ समारोह में भाग लेंगे।

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