सीएमओ की अध्यक्षता में हुई जिला टास्क फोर्स की बैठक, दिए जरूरी निर्देश
जन्म से लेकर पांच वर्ष तक के छूटे हुए बच्चों व गर्भवती का होगा सौ फीसदी टीकाकरण

वाराणसी। जनपद में सोमवार (नौ अक्टूबर) से सघन मिशन इंद्रधनुष 5.0 का तीसरा व अंतिम चरण शुरू होगा। इस संबंध में बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में सीएमओ डॉ संदीप चौधरी की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई। तीन चरणों में संचालित होने वाले इस टीकाकरण अभियान में शून्य से लेकर पांच वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को नियमित टीके और गर्भवती को टीडी के टीके लगाए जा रहे हैं।
बैठक में सीएमओ ने तीसरे चरण की सभी तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने जल्द से जल्द माइक्रोप्लान तैयार करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही कहा कि नियमित टीकाकरण से छूटे हुए जन्म से लेकर पाँच वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती को टीकाकरण से आच्छादित करने पर विशेष जोर दिया जाए। अभियान में उच्च जोखिम, शहरी मलिन बस्तियों, दूर-दराज के क्षेत्रों पर विशेष जोर दें। टीकाकरण के प्रति उदासीन परिवारों को जागरूक कर शत-प्रतिशत टीकाकरण कराएं। टीकाकरण सत्रों के स्थान को लेकर बुलावा पर्ची के माध्यम से अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे परिजन अपने बच्चों व गर्भवतियों का आसानी से टीकाकरण करा सकें। अभियान में प्रमुख रूप से मीजल्स-रूबेला (एमआर) टीकाकरण के साथ ही बर्थ डोज़, डीपीटी आदि बीमारियों के टीकाकरण पर ज़ोर दिया जाए। समुदाय में “पाँच साल, सात बार छूटे न टीका एक भी बार” का संदेश दिया जाए। सीएमओ ने अपील की कि सभी परिजन जन्म से लेकर पाँच वर्ष तक के सभी बच्चों और गर्भवती का टीकाकरण समय से कराएं।
एसीएमओ (प्रतिरक्षण) डॉ एके मौर्य ने कहा कि अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारियों से कहा कि अभियान के अंतिम चरण में सभी छूटे हुये बच्चों व गर्भवती का सौ फीसदी टीकाकरण करवा लें जिससे भविष्य में जनपद में सघन मिशन इंद्रधनुष चलाने की आवश्यकता न हो तथा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद में प्रत्येक बुधवार और शनिवार को नियमित टीकाकरण सत्र चलाया जा रहा है। इसके बावजूद किन्हीं कारणों से कई बच्चे व गर्भवती टीकाकरण से छूट जाती हैं। टीकाकरण बच्चों व गर्भवती को गंभीर बीमारियों के साथ ही टीके से रोकी जा सकने वाली जन्मजात बीमारियों की जटिलताओं से बचाता है। इससे बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है।
बैठक में एसीएमओ डॉ एसएस कनौजिया, डॉ संजय राय, डिप्टी सीएमओ डॉ अमित कुमार सिंह, डॉ निकुंज कुमार वर्मा, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ यतीश भुवन पाठक, सीएचसी व पीएचवी के अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारी, डीएचईआईओ हरिवंश यादव, डीयूएचसी आशीष सिंह, एनएचएम की अर्बन इकाई, डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, यूएनडीपी के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।