
लखनऊ। जहां एक और विपक्ष नेताओं के विरुद्ध छोटी से छोटी बात में उनकी सदस्यता छीन लेने, रेड, एफआईआर सहित हर प्रकार की विधिक, प्रशासनिक और विधायी कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाती है, वहीं यदि भारतीय जनता पार्टी के किसी भी सांसद, विधायक या नेता के विरुद्ध गंभीर से गंभीर आरोप लगते हैं तो पार्टी उस पर पूरी तरह से चुप बैठ जाती है।
यद्यपि इस संबंध में पूरे देश में सैकड़ो उदाहरण है किंतु आजाद अधिकार सेना इनमें से निम्न पांच चुनिंदा उदाहरण को लेकर 27 सितंबर को भाजपा पंचरत्न दिवस मनाएगी।
1. असम मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा के विरुद्ध पिछले कई वर्षों से लगातार भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं किंतु भाजपा उन सबों को पूरी तरह दरकिनार करती रही है।
2. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के विरुद्ध दिल्ली में हेट स्पीच देने का आरोप लगा किंतु दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया और अब तक भाजपा उस मामले में पूरी तरह चुप्पी डाले हुए हैं।
3. सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर लगे अत्यंत गंभीर यौन उत्पीड़न प्रकरण और इसमें भाजपा की भूमिका से हम सभी पूर्णतया अवगत हैं।
4. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्र टेनी और उनके पुत्र के जुड़े लखीमपुर खीरी की घटना से भी हम सभी पूरी तरह से भिज्ञ हैं. विगत दिनों उनके विरुद्ध हत्या का एक 23 साल पुराना मामला भी सुर्खियों में है।
5. सांसद रमेश विधूड़ी द्वारा पिछले दिनों संसद में सांसद दानिश अली को सार्वजनिक रूप से कह गए अपशब्दों की गूंज देश ही नहीं विदेशों तक में है, किंतु भाजपा ने इस मामले में भी कोई कार्रवाई करने की जगह अब तक उनका बचाव ही किया है।
भाजपा के पांच नेताओं को भाजपा के पंचरत्न के रूप में प्रस्तुत करते हुए आजाद अधिकार सेना 27 सितंबर (बुधवार) को प्रत्येक जनपद मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन करेगी।