दुनिया का सबसे सस्ता इलाज देने वाला देश भारत-आयुष मंत्री

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जन औषधि दिवस पर डीडीयू में आयोजित किया गया जनपद स्तरीय कार्यक्रम
दाम कम, दवाई उत्तम के नारे को करें बुलंद। आम जनमानस को मिले सस्ती दवायें, यही है उद्देश्य
जनपद में लगभग 85 जन औषधि केंद्र मौजूद
सभी दवाइयां नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीसीएल) द्वारा टेस्टेड

अनंत पत्र
वाराणसी। सरकार द्वारा आम जनमानस को उच्च गुणवत्ता वाली जेनरिक दवाइयां बाजार मूल्य से कम कीमत पर उपलब्ध करने के लिए प्रत्येक वर्ष 7 मार्च को देश भर में जन औषधि दिवस जन जागरूकता हेतु मनाया जाता है। इस क्रम में शुक्रवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में जनपद स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र “दयालु” की उपस्थिति में आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जनपद के सभी नागरिकों को गुणवत्तापरक जेनरिक औषधियों के प्रति जागरुकता और विश्वास पैदा करना है। सभी को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक औषधियां उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री जनऔषधि योजना प्रधानमंत्री द्वारा 1 जुलाई 2015 को घोषित की गई थी| इस वर्ष 7वें जन औषधि दिवस की थीम ‘जन औषधि – विरासत के साथ’ रखा गया है।
इस अवसर पर आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र “दयालु” ने कहा कि दुनिया का सबसे सस्ता इलाज देने वाला देश भारत है। दाम कम, दवाई उत्तम के नारे को बुलंद करते हुये अधिक से अधिक जन सामान्य के बीच जन औषधि मित्र बनाकर लोगों को जागरूक किया जाये। भारत सरकार समस्त जनों को सस्ती एवं सर्वसुलभ स्वास्थ्य सेवायें उपलब्द्ध करने के लिए कटिबद्ध है। प्रदेश के चिकित्सालयों में निःशुल्क चिकित्सकीय सेवायें उपलब्द्ध कराई जा रही हैं। इसके बाद भी यदि किसी भी व्यक्ति को कोई भी दवा खरीदना पड़े तो जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से सस्ती व गुणवत्तापरक औषधियां मिले इसकी व्यवस्था की गई है।
अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ नीता कुलश्रेष्ठ ने कहा कि इस समय देश में 15,000 जन औषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं| वहीँ वाराणसी में वर्तमान में लगभग 85 जन औषधि केंद्र चल रहे हैं। जन औषधि केन्द्रों की दवायें मार्केट रेट की ब्रांडेड दवाओं से लगभग 80 फीसदी सस्ती हैं। ये सभी दवायें नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीसीएल) द्वारा टेस्टेड हैं। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र के उत्पाद समूह में 300 सर्जिकल उपकरण और 2047 दवाएं शामिल हैं।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ ब्रिजेश कुमार ने बताया कि पिछले वर्षों की तरह, इस वर्ष भी 1 से 7 मार्च तक जनपद में विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों पर कार्यक्रम किए गये हैं। इस अवसर पर डॉक्टर परामर्श सहित विभिन्न प्रकार के चिकित्सीय परीक्षण किए गये, ताकि स्वास्थ्य के महत्व और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि योजना (पीएमबीजेपी) के बारे में जागरूकता फैलाई जा सके। इसके लिए सरकार द्वारा ‘जन औषधि स्टोर’ बनाए गए हैं, जहां जेनरिक दवाइयां उपलब्ध करायी जाती हैं।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एसएस कनौजिया, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी हरिवंश यादव, जन औषधि केंद्र के प्रबंधक नवीन सिंह सहित अधिवक्तागण, चिकित्सक, नर्सिंग स्कूल की छात्राएं एवं चिकित्सालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।

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