समय सीमा समाप्त नही हुई घोटाले की जाँच

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मंडलायुक्त के निर्देशों की अनदेखी,जांच करने नहीं पहुंचे अधिकारी

चिरईगांव विकास खण्ड के तोफापुर गांव का मामला

अनंत पत्र

वाराणसी । स्थानीय विकास खण्ड के तोफापुर गांव में कराये गये विकास कार्यों में हुए कथित घोटाले की शिकायतों की जांच को जांच अधिकारी कितनी गंभीरता से ले रहे हैं इसको समझने के लिए महज एक उदाहरण ही काफी है।आलम यह है कि तोफापुर ग्राम पंचायत में कराये गये हैडपम्पों के रिबोर ,मरम्मत व इंटरलाकिंग निर्माण में हुए कथित घोटाले के सम्बंध में शिकायतकर्ता रामजीत यादव ने जनपद के डीपीआरओ,सीडीओ, जिलाधिकारी से लिखित शिकायत करते हुए जांच की मांग की थी।शिकायतकर्ता की शिकायत पर उक्त प्रकरण की जांच पहली बार पर 26 अगस्त 2023 एवं दूसरी बार 11 सितम्बर 2023 को जांच अधिकारी सहायक निदेशक बचत द्वारा करायी गयी लेकिन जांच का कोई परिणाम सामने नहीं आ सका।ऐसे में जांच अधिकारी की जांच से असंतुष्ट शिकायतकर्ता ने बीते 20 फरवरी 2024 को मंडलायुक्त वाराणसी मंडल कौशल राज शर्मा के कार्यालय में लिखित शिकायत कर प्रकरण की जांच कराने की मांग की।
समय सीमा समाप्त ,गांव में नहीं पहुंचे जांच अधिकारी-
शिकायतकर्ता द्वारा मंडालायुक्त कार्यालय में शिकायत के बाद एक बार पुनः सम्बंधित महकमा फास्ट हुआ और मंडलायुक्त के निर्देश पर डीपीआरओ ने बीते 4 अप्रैल को एक बार पुनः सहायक निदेशक बचत को पत्र लिखकर तोफापुर मे हैंड पम्प मरम्मत ,रिबोर, इंटरलाकिंग कार्य में हुए कथित घोटाले की जांच कर व्यक्तिगत सुनवाई करते हुए 15 दिनों के अंदर जांच आख्या कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा था।साथ ही जांच करते समय शिकायतकर्ता का भी पक्ष सुनने की बात पत्र में लिखी थी।साथ ही बीते 16 अप्रैल को एक सफाईकर्मी के माध्यम से डीपीआरओ कार्यालय द्वारा जारी पत्र शिकायतकर्ता को रिसीव कराया गया था।शिकायतकर्ता का कहना है कि डीपीआरओ कार्यालय द्वारा पत्र जारी होने के लगभग 27 दिन बीत जाने के बाद भी आज तक जांच अधिकारी तोफापुर गांव में जांच करने नहीं पहुंचे जिससे उक्त प्रकरण की जांच नहीं हो सकी।
बोले जांच अधिकारी चली जायेगी जांच रिपोर्ट-
तोफापुर गांव में हुए कथित घोटाले की जांच के सम्बंध में जनपद के जिम्मेदार अधिकारियों के बयान भी कम दिलचस्प नहीं हैं।
उक्त प्रकरण में डीपीआरओ ने पहले तो सहायक निदेशक बचत (जांच अधिकारी )से बात करने की सलाह दी लेकिन जब उन्हें अवगत कराया गया कि समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जांच नहीं हो सकी तो उनका कहना था कि जांच अधिकारी चुनाव ड्यूटी में होगें जांच हो जायेगी।
उधर उक्त प्रकरण के बाबत सहायक निदेशक बचत पहले तो टाल मटोल करते रहे फिर बोले कि जांच रिपोर्ट चली जायेगी ।जब जांच हुई ही नहीं तो आखिरकार जांच रिपोर्ट कैसे जायेगी इस सवाल पर उन्होंने फोन काट दिया।

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