जांच की ऐसी रफ्तार जिसे देखकर तो कछुआ भी शरमा जाय!
तीन बार हुई जांच फिर भी नहीं निकला परिणाम
तोफापुर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में धांधली का मामला
अनंत पत्र
वाराणसी । स्थानीय विकास खण्ड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में कराये गये विकास कार्यों में कथित घोटालों की जांच की रफ्तार कैसी है यह समझने के लिए आपको तोफापुर ग्राम पंचायत में की गयी जांच की रफ्तार देखकर अंदाजा लग जायेगा ।यहां पर जांच की रफ्तार ऐसी है जिसे देखकर शायद कछुआ भी शरमा जाय।तोफापुर में तीन बार जांच के बाद भी अभी तक जांच का परिणाम सामने नहीं आ सका और जांच अधिकारी शिकायतकर्ता को संतुष्ट नहीं कर सके। तोफापुर ग्राम पंचायत में हैण्डपम्प मरम्मत व इंटरलाकिंग के कार्य में धन निकासी को लेकर की गयी कथित हेराफेरी व सरकारी धन के दुरूपयोग के सम्बंध में तोफापुर के शिकायतकर्ता रामजीत यादव ने डीपीआरओ व सीडीओ को पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की थी। जानकारी के अनुसार उक्त प्रकरण की तीन बार जांच भी सहायक निदेशक बचत से करायी गयी लेकिन अभी तक कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला।यह कथन है शिकायतकर्ता रामजीत यादव का ।
ग्राम प्रधान व जांच अधिकारी के बीच है तगड़ी सेटिंग!
शिकायतकर्ता रामजीत यादव का कहना है कि विकास कार्यों मे हुए कथित घोटाले की पहली जांच 26 अगस्त 2023 को,दूसरी बार 11सितम्बर 2023 को की गयी जिसमें जांच अधिकारी सहायक निदेशक बचत को बनाया गया।दो बार की जांच रिपोर्ट से असंतुष्ट होकर स्वयं डीपीआरओ ने तीसरी बार 18 नवम्बर 2023 को सहायक निदेशक बचत को उक्त प्रकरण की जांच कर 15 दिनों के अंदर जांच आख्या प्रस्तुत करने को कहा था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।उन्होंने एक ही अधिकारी को हर बार जांच सौंपने पर भी सवाल खड़ा करते हुए कहा कि ग्राम प्रधान व जांच अधिकारी के बीच तगड़ी सेटिंग के चलते जांच का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकल पा रहा है और जांच अधिकारी घोटाले पर पर्दा डालने में जुटे हुए हैं।
ऐसे में शिकायतकर्ता ने बीते 12 फरवरी को डीपीआरओ को पत्र भेजकर पुन: किसी अन्य जांच अधिकारी से जांच कराने की मांग की है।
इस सम्बंध में सहायक निदेशक बचत से उनके मोबाइल पर बात करने का प्रयास किया गया लेकिन हर बार की तरह अबकी बार भी उन्होंने फोन रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा।